बहरागोड़ा
बहरागोड़ा प्रखंड के खंडामौदा गांव में ग्राम देवी ‘मां माटखाल बूढ़ी’ की वार्षिक पूजा श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक समीर कुमार महंती की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने देवी स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्रवासियों की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। विधायक ने कहा कि ऐसी पारंपरिक पूजा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को जोड़ने का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने ग्रामीण संस्कृति को सहेजने और आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
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पूजा की शुरुआत पुजारी कराली किंकर त्रिपाठी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई। इस दौरान हवन, पूजन और विशेष अनुष्ठान किए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक कतार में लगकर माता के दर्शन किए।

मुख्य पुजारी एकादशी पाइकिरा ने बताया कि इस पूजा की परंपरा वर्षों पुरानी है। शीतला पूजा के अगले दिन मां माटखाल बूढ़ी की आराधना की जाती है। मान्यता है कि माता की कृपा से गांव में सुख-शांति बनी रहती है और लोग प्राकृतिक आपदाओं व बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं।

पूजा के समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें गांव के सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों ने इसे सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बताया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।