नई दिल्ली: झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का आज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया है। वे पिछले कई दिनों से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे और उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा था।
घटना का विवरण: जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले वे अपने आवास पर बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और ब्रेन हेमरेज हो गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनके इलाज में जुटी थी। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और आज उनका निधन हो गया।
राजनीतिक करियर और व्यक्तित्व: रामदास सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के एक वरिष्ठ और कद्दावर नेता थे। उन्होंने घाटशिला विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व 2009,2019 और 2024 से तीन बार किया और झारखंड आंदोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनकी छवि एक जननेता की थी, जो हमेशा आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करते थे। झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। ज्ञात हो की वरिष्ठ नेता पुर्व मुख्यमंत्री चमंपाई सोरेन के झामुमो छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद कोल्हान में झामुमो के सबसे कद्दावर नेता बनकर उभरें थे ।
शोक की लहर: उनके निधन की खबर से झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रामदास सोरेन का जाना झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर जमशेदपुर लाया जाएगा।
यह जानकारी उनके पुत्र द्वारा दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के आधिकारिक सोशल मीडिया से दी गई है ।