बहरागोड़ा | अबुआ खबर संवाददाता (एन बेरा)
बहरागोड़ा प्रखंड के जयपुरा चौक एनएच-49 से जयपुरा नदी तक की सड़क निर्माण योजना आज भी कागजों में अटकी हुई है। शिलान्यास को पूरे दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर एक इंच भी कार्य शुरू नहीं हो सका है।
यह सड़क मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत स्वीकृत हुई थी, जिसका शिलान्यास 07 दिसंबर 2023 को बड़े धूमधाम से किया गया था। उस वक्त मंच पर जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो और बहरागोड़ा के विधायक समीर कुमार महंती मौजूद थे। जनसभा में लोगों को भरोसा दिलाया गया था कि इस सड़क से क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी।
लेकिन आज स्थिति यह है कि न तो निर्माण एजेंसी का कोई बोर्ड लगा है, न ठेकेदार का नाम दिखता है, न ही साइट पर कोई गतिविधि। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की जिम्मेदारी किसे दी गई है, यह तक किसी को नहीं पता। मशीनरी, मजदूर या कार्यस्थल पर कोई हलचल नहीं — सबकुछ ठप पड़ा है।
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को शिकायतें दीं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, नतीजा शून्य रहा। यह सड़क केवल बहरागोड़ा ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल सीमा से सटे गांवों — खेडूआ और गोपालपुर पंचायत के हजारों लोगों की जीवनरेखा है।
इसी मार्ग से छात्र विद्यालय और कॉलेज तक पहुंचते हैं, और आपात स्थिति में एम्बुलेंस का यही एकमात्र रास्ता है। बरसात के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अब ग्रामीणों का सब्र टूट चुका है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे जमशेदपुर उपायुक्त से मिलकर सड़क निर्माण की मांग करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे।
ग्रामीणों का सवाल सीधा है —
“जब नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में शिलान्यास का तमाशा हुआ था, तो दो साल बाद भी सड़क निर्माण क्यों नहीं शुरू हुआ? जनता अब जवाब चाहती है।”